समग्र शिक्षा अभियान 2.0: Samagra Shiksha, लाभ और उद्देश

समग्र शिक्षा एक क्षेत्र व्यापी विकास कार्यक्रम है जो सर्व शिक्षा अभियान एसएसए ( SSA), राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, आरएमएसए (RMSA) और शिक्षा (TE) की तत्कालीन मौजूदा केंद्र प्रयोजित योजनाओं को सभी स्तरों पर कार्यान्वयन तंत्र और लेनदेन लागत के सामंजस्य में मदद करने के लिए सम्मिलित करता है।

Samagra Shiksha Abhiyan-2.0 का प्रमुख उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रावधान और छात्रों के सीखने के परिणामों में वृद्धि करना है। स्कूली शिक्षा में सामाजिक और लैंगिक अंतर को बांटना, स्कूली शिक्षा के सभी स्तरों पर समानता और समावेशन सुनिश्चित करना है। स्कूली शिक्षा के प्रावधनों में न्यूनतम समानकों को सुनिश्चित करना, शिक्षा के व्यवसायीकरण को बढ़ावा देना , इस योजना का मूल उद्देश्य है।

सम्रग शिक्षा अभियान 2023

राज्य/ संघ राज्य क्षेत्र स्तर पर एकल राज्य कार्यान्वयन  सोसाइटी के माध्यम से विभाग द्वारा Samagra Shiksha Abhiyan को केंद्र प्रयोजित योजना के रूप में कार्यान्वित किया जाता है। या राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में एक शासी परिषद (GC) और स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव की अध्यक्षता में एक परियोजना अनुमोदन बोर्ड प्रदान करता है।

जिसके तहत वित्तीय और कार्यक्रम संबंधित मानदंडो को संशोधित करने  और योजना के समग्र ढांचे के भीतर कार्यान्वयन के लिए विस्तृत दिशा निर्देशों को मंजूरी देने का अधिकार है। इस तरह के संशोधनों में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए नवाचार और हस्तक्षेप शामिल होंगे। राज्यों से पूरे स्कूली शिक्षा क्षेत्र के लिए एक ही योजना लाने की उम्मीद है।

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Samagra Shiksha Abhiyan-2.0 Highlights

योजना का नामसमग्र शिक्षा अभियान 2.0
किसने आरंभ कीकेंद्र सरकार
लाभार्थीभारत के छात्र
उद्देश्यशिक्षा के स्तर में सुधार करना
पंजीकरण प्रक्रियाऑनलाइन मोड
श्रेणीकेंद्र सरकारी योजनाएं
वर्ष2023
आधिकारिक वेबसाइट http://samagrashiksha.in/

समग्र शिक्षा अभियान की महत्वपूर्ण बातें

  • Samagra Shiksha Abhiyan के तहत, वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए संशोधित अनुमान चरण में 30780.81करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को केंद्रीय हिस्से के रूप में 29349.10 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
  •  केंद्र और राज्यों के बीच योजना के लिए फंड शेयरिंग पैटर्न वर्तमान में आठ पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 90:10 के अनुपात में है।
  •  अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा और तीन हिमालयी राज्यों(जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड) विधायिका के साथ अन्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 60:40 के अनुपात में है।
  •  यह विधायिका के बिना केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 100% प्रतिशत केंद्र प्रयोजित है।
  • यह अक्टूबर 2015 में प्राप्त केंद्र प्रयोजित योजनाओं के युक्तिकरण पर मुख्यमंत्रियों के उपसमूह की सिफारिशों के अनुसार है।

समग्र शिक्षा अभियान का Interventions

इस योजना के तहत प्रस्तावित स्कूली शिक्षा के सभी स्तरों पर प्रमुख हस्तक्षेप है:

  1. बुनियादी ढांचे के विकास और प्रतिधारण सहित सर्वभौमिक पहुँच
  2.  लिंक और समानता
  3.  समावेशी शिक्षा
  4.  गुणवत्ता
  5.  शिक्षक वेतन के लिए वित्तीय सहायता
  6.  डिजिटल पहल
  7.  वर्दी, पाठ्यपुस्तक आदि सहित आरटीई पात्रताएं
  8. प्री स्कूल शिक्षा
  9.  व्यावसायिक शिक्षा
  10.  निगरानी, कार्यक्रम प्रबंधन और राष्ट्रीय घटक

यह प्रस्तावित हैं कि हस्तक्षेपों में वरीयता शैक्षिक रूप से पिछड़े ब्लॉक EBBS, LWES प्रभावित जिलों, विशेष फोकस जिलों (SFDS), सीमावर्ती क्षेत्रों और आकांक्षी जिलों में दी जाएगी।

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समग्र शिक्षा के उद्देश्य

  • योजना का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना और छात्रों के सीखने के परिणामों को बढ़ाना है।
  • स्कूली शिक्षा में लिंग और सामाजिक अंतर को कम करना।
  • शिक्षा के व्यवसायीकरण को बढ़ावा देना।
  • स्कूली शिक्षा के प्रावधानो में बुनियादी न्यूनतम मानकों को सुनिश्चित करना।
  • शिक्षा का अधिकार, अधिनियम, 2009 के तहत बच्चों के अनिवार्य और मुफ्त शिक्षा के अधिकार को लागू करने में राज्यों की सहायता करना।
  • शिक्षक प्रशिक्षण के लिए राज्य शिक्षा संस्थानों या एससीईआरटी(SCERTS)  और डाइट(DIET)  को नोडल एजेंसियों के रूप में मजबूत और उन्नत करना।
  • स्कूली शिक्षा के हर स्तर पर समावेश और समानता सुनिश्चित करना है।
  • शिक्षक शिक्षा और प्रशिक्षण को सुदृढ़ बनाना।

समग्र शिक्षा अभियान-2.0 अपडेट

Samagra Shiksha Abhiyan के अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान करना, बालिकाओं की हॉस्टल में सेनिट्री पैड की व्यवस्था करना, विश्वविद्यालय को बारहवीं कक्षा तक विस्तार करना आदि जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं। जिसके लिए 2.94 लाख करोड़ रुपए विशेष रूप से खर्च किए जाएँगे।

इस योजना के तहत सभी कार्य 1 अप्रैल 2021 से लेकर 31 मार्च 2026 की बिच कार्यान्वित की जाएगी। शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के अनुसार समग्र शिक्षा अभियान-2.0 योजना के तहत स्कूलों में बाल वाटिका, स्मार्ट कक्षा, प्रशिक्षित शिक्षकों की व्यवस्था तथा आधारभूत ढांचे, व्यावसायिक शिक्षा एवं रचनात्मक शिक्षण विधियों का विकास किया जाएगा.

समग्र शिक्षा अभियान की विशेषताएँ

समग्र शिक्षा योजना की विशेषताएं इस प्रकार है:-

  • शिक्षा के लिए एक समग्र दृष्टिकोण: स्कूल शिक्षा को पूर्व- विद्यालय से कक्षा 12 तक सर्वांगीण रूप से माना जाता है। इस योजना में पहली बार स्कूली शिक्षा में पूर्व विद्यालय स्तर और वरिष्ठ माध्यमिक स्तर शामिल है।
  • प्रशासनिक सुधार: एक एकीकृत और एकल प्रशासनिक ढांचा एक सामंजस्यपूर्ण कार्यान्वयन की ओर ले जाता है और इस योजना के तहत राज्यों को उनके हस्तक्षेप को प्राथमिकता देने के लिए लचीलेपन को अपनाया जाता है।
  • इस योजना का उद्देश्य एक एकीकृत प्रशासन प्रणाली स्थापित करना है जो स्कूल को एक निरंतरता के रूप में देखती है।
  • शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान देंना: इस योजना का उद्देश्य, यानी शिक्षक और प्रौद्योगिकी और स्कूल प्रमुखों और शिक्षकों की क्षमता निर्माण पर ध्यान केंद्रित करके शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना और सुधारना है।
  • स्कूलों में गणित और विज्ञान सीखने को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय आविष्कार अभियान और प्राथमिक स्तर पर आधारभूत कौशल विकसित करने के लिए “पढ़े भारत बढ़े भारत”कार्यक्रम का समर्थन करना है।
  • यह योजना भावी शिक्षकों की गुणवत्ता में सुधार के लिए जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान(DIET) और राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) जैसे शिक्षक शिक्षा संस्थानों को मजबूत करने पर केंद्रित है।
  • प्रशिक्षण को आवश्यकता आधारित और गतिशील बनाने के लिए पूर्व सेवा और सेवाकालीन शिक्षक प्रशिक्षण के लिए नोडल संस्थान (SCERT) होगा। समग्र शिक्षा योजना सभी स्कूलों के लिए 5000 रुपये से 20,000 रुपये तक पुस्तकालय अनुदान प्रदान करेगी।
  • डिजिटल शिक्षा पर फोकस: समग्र शिक्षा योजना शिक्षा को समझने में आसानी और क्रांति लाने के लिए पांच वर्षों की अवधि में सभी माध्यमिक विद्यालयों में ‘ऑपरेशन डिजिटल बोर्ड’का समर्थन करती है।
  • स्कूलों का सुदृढ़ीकरण: समग्र शिक्षा योजना के तहत पहली से आठवीं कक्षा के स्कूली बच्चों को स्कूलों तक सार्वभौमिक पहुँच की सुविधा के लिए उन्नत परिवहन सुविधाएं प्रदान की जाती है।
  • स्कूल नामांकन के आधार पर आवंटित समग्र स्कूल अनुदान को 14,500-₹50,000 से बढ़ाकर 25,000-₹1,00,000 कर दिया गया है।
  • ये योजना स्वच्छ विद्यालय का समर्थन करने और सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता में सुधार के लिए स्वच्छता गतिविधियों के लिए विशिष्ट प्रावधान करती है।
  • बालिका शिक्षा पर ध्यान देना: समग्र शिक्षा योजना ने कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालयों (KGBVS) को कक्षा 6-8 से कक्षा 6-12 तक उन्नत किया। ये उच्च प्राथमिक से वरिष्ठमाध्यमिक स्तर तक लड़कियों के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पहल के लिए प्रतिबद्धता प्रदान करता है।
  • समावेशन पर ध्यान देना: समग्र शिक्षा योजना के तहत आरटीआई अधिनियम के तहत आवंटित वर्दी को प्रति बच्चा ₹400 से बढ़ाकर ₹600 प्रतिवर्ष और पाठ्यपुस्तकों को 150/₹250 से बढ़ाकर 250/₹400 प्रति बच्चा प्रति वर्ष कर दिया गया है।
  • सक्रिय पाठ्यपुस्तकें पेश की जाती है विशेष आवश्यकता वाले बच्चों सीडब्ल्यूएसएन के लिए आवंटन को भी प्रति बच्चा ₹3000 से बढ़ाकर ₹3500 प्रति वर्ष कर दिया गया है।
  • कक्षा एक से 12 तक विशेष आवश्यकता वाली लड़कियों के लिए ₹200 प्रतिमाह का वजीफा प्रदान किया जाता है।
  • स्किल डेवलपमेंट पर फोकस: इस योजना के तहत उच्च प्राथमिक स्तर पर व्यावसायिकय कौशल का विस्तार किया जाएगा। कक्षा नौ से कक्षा 12 तक की व्यावसायिक शिक्षा को पाठ्यक्रम के साथ एकीकृत करके अधिक उद्योग उन्मुख और व्यवहारिक बनाया जाए। ये योजना कौशल विकास योजना पर ज़ोर देगी।
  • खेल और शारीरिक शिक्षा पर ध्यान देना: खेल शिक्षा पाठ्यक्रम का अभिन्न अंग होगी। सभी स्कूलों को प्राथमिक विद्यालयों के लिए ₹5000 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए ₹10,000 और माध्यमिक और वरीष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के लिए ₹25,000 की लागत से खेल की प्रासंगिकता और प्रासंगिकता पर ज़ोर देने के लिए खेल उपकरण प्राप्त होंगे।
  • क्षेत्रीय संतुलन पर ध्यान देना: यह योजना संतुलित शैक्षिक विकास को बढ़ावा देगी और वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित जिलों शिक्षक की रूप से पिछड़े ब्लॉक हो EBBS सीमावर्ती क्षेत्रों विशेष फोकस वाले जिलों एसडीएस(SFDS)  और नीती आयोग द्वारा पहचाने गए 117 आकांक्षी जिलों को वरीयता प्रदान करेगी।

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समग्र शिक्षा अभियान के लाभ

समग्र शिक्षा योजना विभिन्न स्कूली शिक्षा स्तरों में संक्रमण दर में सुधार करने में मदद करेगी, और स्कूली शिक्षा पूरी करने के लिए बच्चों तक सार्वभौमिक पहुँच को बढ़ावा देने में सहायता करेगी।

शिक्षक शिक्षा के एकीकरण से स्कूली शिक्षा में विभिन्न सहायक संरचनाओं के बीच प्रभावी जुड़ाव और अभिसरण की सुविधा होगी, जैसे कि अध्यापन में नवाचार एकीकृत प्रशिक्षण कैलेंडर सलाह और निगरानी यह योजना स्कूली शिक्षा को प्रौद्योगिकी के लाभों को प्राप्त करने और व्यापक बनाने में सक्षम करेगी। सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों और समाज के सभी वर्गों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच प्रदान करेगी।

समग्र शिक्षा अभियान की पृष्ठभूमि

केंद्रीय बजट 2018-19 ने घोषणा की है कि स्कूली शिक्षा को समग्र रूप से माना जाएगा और प्री प्राइमरी से बारहवीं कक्षा तक का विभाजन किया जाएगाा। इस संदर्भ में विभाग ने सर्व शिक्षा अभियान SSA, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान RMSA,  और शिक्षक शिक्षा टी की पूर्ववर्ती केंद्र प्रयोजित योजनाओं को मिलाकर समग्र द्वारा 2018 में स्कूल शिक्षा, शिक्षा के लिए एकीकृत योजना के बिना एकीकृत योजना का शुभारंभ किया।

यह योजना स्कूली शिक्षा को एक शाहसत्य के रूप में मानती है और शिक्षा के लिए सतत विकास लक्ष्य एसडीजी चार (SDG-4) के अनुसार है।

समग्र शिक्षा अभियान-2.0 में लॉगइन करने की प्रक्रिया

  • सर्वप्रथम समग्र शिक्षा अभियान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
  • होम पेज पर लॉग इन option पर क्लिक करे।
  • लॉगइन करने के लिए अपनी लॉगिन आईडी, पासवर्ड तथा कैप्चा कोड दर्ज करे।
  • इसके बाद लॉगिन के विकल्प पर क्लिक करे।
  • इस प्रकार पोर्टल में सरलता से लॉगिन कर पाएंगे।

Contact Details

  • Address- Department of School Education & Literacy,, Ministry of Education, Shastri Bhawan, New Delhi.
  • Email- prabandh.edu[at]gmail[dot]com
  • Helpline- +91-11-23765609

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