स्त्री स्वाभिमान योजना 2023: ऑनलाइन आवेदन

सरकार ने देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लड़कियों और महिलाओं को अच्छा स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रदान करने के लिए स्त्री स्वाभिमान योजना शुरू की है। इस योजना के तहत CSC द्वारा प्रदान किए गए पैड (Sanitary Pad) अधिक पर्यावरण के अनुकूल और काफी सस्ते हैं। ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं और लड़कियां इन्हें सबसे कम कीमत में खरीद सकें। CSC के माध्यम से देश की सभी महिलाएं इस स्त्री स्वाभिमान योजना का लाभ उठा सकती है।

स्त्री स्वाभिमान योजना भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के कॉमन सर्विस सेंटर द्वारा शुरू की गयी थी। यह योजना छोटे ग्राम स्तर के उद्यमियों को सहायता प्रदान करेगी, जो सेनेटरी नेपकिन का उत्पादन करते हैं।

स्त्री स्वाभिमान योजना

भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में किशोरियों और मासिक धर्म वाली महिलाओं को एक किफायती मूल्य पर पर्यावरण के अनुकूल सैनिटरी नैपकिन प्रदान करने के लिए स्त्री स्वाभिमान योजना शुरू की गई थी। भारतीय महिलाओं को अपने स्वच्छता,स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए एक चुनौतीपूर्ण चुनौती का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि भारत में मासिक धर्म स्वच्छता को  वर्जित माना जाता है।

गरीबी, अशिक्षा, शिक्षा की कमी के कारण लगभग 82% भारतीय महिलाएँ सैनिटरी नैपकिन के उपयोग से अनजान हैं और अधिकांश महिलाएं सेनेटरी नैपकिन  खरीदने या फेंकने में शर्म महसूस करती हैं।

आंकड़ों के अनुसार, मासिक धर्म के तहत 88% भारतीय महिलाओं की सेनेटरी नैपकिन तक पहुँच नहीं है, जबकि 90% से अधिक सैनेटरी नैपकिन गैर बायोडिग्रेडेबल सामग्री से बने होते हैं।

ग्रामीण महिलाओं में प्रजनन स्वास्थ्य और स्वच्छता बनाए रखने के मुद्दों को संबोधित करने के लिए, 27 जनवरी 2018 को केन्द्रीय सूचना प्रोद्योगिक और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय ने सामान्य सेवा केंद्रों के साथ साझेदारी में Stree Swabhiman Yojana शुरू की।

Stree Swabhiman Yojana Highlights

योजना का नामस्त्री स्वाभिमान योजना
योजना कब शुरू की गई2021
शुरू की गयीकेंद्र सरकार द्वारा
लाभार्थीदेश की महिलाये और लड़किया
उद्देश्यसेनेटरी नेपकिन प्रदान करना
आवेदन प्रक्रियाऑनलाइन
ऑफिसियल वेबसाइटhttps://csc.gov.in/

स्त्री स्वाभिमान योजना संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2015-16 के अनुसार, भारत में लगभग 336 मिलियन महिलाएं मासिक धर्म कर रही है, उनमें से लगभग 36% स्थानीय या व्यावसायिक रूप से उत्पादित सैनिटरी पैड का उपयोग कर रही है जो  गैर बायोडिग्रेडेबल है और प्लास्टिक की उच्च मात्रा वाले पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं।

  • इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में मासिक धर्म से संबंधित जागरूकता प्रदान की जाएगी।
  • Stree Swabhiman Yojana के अंतर्गत सैनिटरी नैपकिन लोकल ब्रांड से बचने के लिए इसका विपणन VLE द्वारा किया जाएगा।
  • यह योजना लगभग 35000 महिलाओं को रोजगार प्रदान करेगी।
  • स्त्री स्वाभिमान योजना के अंतर्गत प्रतिदिन 750 से 1000 सेनेटरी नैपकिन उत्पादन का बढ़ावा दिया जाएगा।
  • यह सैनिटरी नैपकिन CSC केंद्र के माध्यम से भी प्राप्त किए जा सकते है।
  • सीएससी द्वारा ₹500 प्रति साल एक लड़की केलिए VLE को प्रदान किए जाएंगे।

स्त्री स्वाभिमान योजना के अंतर्गत स्टेट वाइज वितरण लिस्ट

राज्यों के नामसैनिटरी नैपकिन वितरण
अंडमान निकोबार आइलैंड3
पंजाब524
अरुणाचल प्रदेश7
असम553
कर्नाटका745
चंडीगढ़5
छत्तीसगढ़315
हरियाणा611
दमन एंड दिउ2
दिल्ली340
गोवा5
गुजरात605
बिहार2601
हिमाचल प्रदेश132
दादरा एंड नगर हवेली2
झारखंड676
तमिल नाडु660
केरला247
मध्य प्रदेश1440
महाराष्ट्र1970
मणिपुर67
मेघालय37
मिजोरम17
नागालैंड30
ओदिशा801
पुडुचेरी10
वेस्ट बंगाल1622
राजस्थान997
सिक्किम5
उत्तर प्रदेश4102
जम्मू एंड कश्मीर148
त्रिपुरा86
आंध्र प्रदेश803
उत्तराखंड289
तेलंगाना350

भारत में सेनेटरी पैड की सत्य

2011 कि जनगणना के अनुसार, भारत की लगभग 89% ग्रामीण महिलाओं के पास शौचालय नहीं है या वे अशुद्ध शौचालय सुविधाओं का सामना कर रही है जो भारतीय ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है।

सदियों से, भारतीय महिलाएँ मासिक धर्म चक्र का मुकाबला करने के लिए कपड़ों का उपयोग कर रही है जिससे विभिन्न प्रजनन और जीवाणु संक्रमण होते हैं। वही केवल 12 प्रतिशत भारतीय महिलाएं सेनेटरी नैपकिन खरीदने में सक्षम है।

भले ही वे इसे बहन करने की स्थिती में हो या ना हो, भारत में प्रति माह लगभग 433 मिलियन सेनेटरी पैड फेंक दिए जाते हैं, जो लैंडफिल या सीवेज में समाप्त हो जाते हैं।

स्त्री स्वाभिमान योजना की विशेषताएं

भारत में, 121 मिलियन लड़कियों और महिलाओं में से, प्रतिवर्ष 21,780 मिलियन सैनिटरी नैपकिन का निपटान करती है, जो भारत के पार विवरण और उसकी अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली के लिए एक गंभीर खतरा है।

खराब मासिक धर्म के कारण होने वाली बीमारियों में प्रजनन पथ के संक्रमण, हेपेटाइटिस बी संक्रमण, खमीर संक्रमण, मूत्र पथ के संक्रम शामिल हैं। इस प्रकार, स्त्री स्वाभिमान योजना ग्रामीण क्षेत्रों में अन्नभीग महिलाओं के स्वास्थ को सुरक्षित करने की दिशा में सबसे सराहनीय कदम है।

  • केंद्र सरकार, कॉमन सर्विस सेंटर के समन्वय में, जमीनी स्तर पर पूरे भारत में स्त्री स्वाभिमान योजना को चलाया जा रहा है।
  • स्त्री स्वाभिमान योजना के तहत पूरे भारत में कॉमन सर्विस सेंटर में माइक्रो सेनेटरी नैपकिन की निर्माण इकाई स्थापित की जाएगी। सेनेटरी नैपकिन कि यह निर्माण इकाई भारत में महिलाओं के लिए रोजगार प्राप्त करने में मदद करेगी।
  • Stree Swabhiman Yojana का मुख्य उद्देश्य सैनेटरी नैपकिन वितरित करना है जो पर्यावरण के अनुकूल और सस्ती कीमतों पर हो।
  • सैनेटरी नैपकिन का निर्माण कॉमन सर्विस सेंटर(CSC) द्वारा किया जाएगा।
  • महिला उद्यमी सूक्ष्म निर्माण इकाइयों को संचालित करने की हकदार होगी और प्रत्येक उत्पादन इकाई में लगभग आठ से 10 महिलाओं के लिए रोजगार पैदा करने की क्षमता होगी।
  • सभी ग्रामीण क्षेत्रों में कैम्प लगाकर पैड वितरण किया जाएगा।
  • योजना का लाभ ग्रामीण एवं शहर में रहने वाली महिलाओं को प्राप्त होगा

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स्त्री स्वाभिमान योजना के उद्देश्य

स्त्री स्वाभिमान योजना के मुख्य उद्देश्य नीचे वर्णित है:

  1. यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों और महिलाओं को सैनिटरी नैपकिन तक पहुँच प्रदान करेगी।
  2. केंद्र सरकार का यह कदम, मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता के बारे में जागरूकता में सुधार लाएगा।
  3. इसके अलावा, प्रत्येक उत्पादन इकाई आठ से 10 महिलाओं के लिए रोजगार पैदा करेगा।

वर्तमान में, पूरे देश में लगभग 15 कम लागत वाली सैनेटरी नैपकिन निर्माण इकाइया मौजूद हैं। इसलिए केंद्र सरकार चाहती हैं कि इस कार्य में अधिक से अधिक लोग शामिल हों।

स्त्री स्वाभिमान योजना का लाभ

Stree Swabhiman Yojana मिलने वाला लाभ निम्न प्रकार है:

  • देश की महिलाओ  को सीएससी द्वारा सस्ती कीमतों पर सेनेटरी नैपकिन प्रदान किये जायेगे और लड़कियों को मुफ्त सेवा प्रदान की जाएगी।
  • स्त्री स्वाभिमान योजना का लाभ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रो की उन सभी महिलाओ और लड़कियों को प्रदान किया जायेगा जिनको हर महीने महामारी होती है।
  • इस योजना के तहत महिलाओ को सेनेटरी नैपकिन बनाने के लिए रोजगार की भी अवसर प्रदान किया जायेगा।
  • सरकार द्वारा इस योजना के ज़रिये  ग्रामीण क्षेत्रो की ज़्यादा से ज़्यादा महिलाओ को लाभ पहुंचाया जायेगा।
  • स्त्री स्वाभिमान की रक्षा के लिए सीएससी की यह एक अनोखी पहल है जिसके माध्यम से उन्हें स्वास्थ्य क्षेत्र में जागृत किया जाएगा।
  • ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए सेनेटरी नैपकिन बनाने के लिए छोटी-छोटी इकाई स्थापित की जाएगी। जिससे वो आत्मनिर्भर बन सके

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स्त्री स्वाभिमान योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज

महिला उम्मीदवारों को स्त्री स्वाभिमान योजना का लाभ लेने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। इसलिए, सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज को निचे अंकित किया गया है.

आधार कार्ड
पैन कार्ड
वोटर ID कार्ड
रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर
निवास प्रमाणपत्र
पासपोर्ट साइज फोटो
राशन कार्ड

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स्त्री स्वाभिमान योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

Stree Swabhiman Yojana में ऑनलाइन आवेदन करने के लिए निम्न प्रक्रिया को फॉलो करे:

Step 1:- योजना के तहत आवेदन करने के लिए स्त्री स्वाभिमान योजना कि आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
Step 2:- होम पेज पर “पुलिस वेरीफिकेशन फॉर्म फॉर्मेट”विकल्प पर क्लिक करें
Step 3:- डाउनलोड करने के बाद फॉर्म को भरें और वेरिफाई करें
Step 4:- पंजीकरण की प्रक्रिया पर क्लिक करने के बाद स्क्रीन पर एक आवेदन पत्र पृष्ठ प्रदर्शित होगा।
Step 5:- आधार कार्ड नंबर भरें
Step 6:- kYC के जरिए रजिस्ट्रेशन के आधार कार्ड नंबर  को ऑथेंटिकेट करें।
Step 7:- आवश्यक जानकारी भरें
Step 8:- फोटो और पुलिस सत्यापन दस्तावेज के साथ आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
Step 9:- समिट बटन पर क्लिक करें और पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करें।

स्त्री स्वाभिमान योजना के लिए लॉगिन प्रक्रिया

Step 1:- स्त्री स्वाभिमान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
Step 2:- स्त्री स्वाभिमान योजना के होमपेज पर “लॉग इन” पर क्लिक करें
Step 3:- उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड दर्ज करें
Step 4:- “लॉग इन” बटन पर क्लिक करें
इस तरह आप सरलता से लॉग इन कर सकते है

सैनिटरी पैड के लिए निर्माण सुविधा की विशेषताएँ

CSC-SPV द्वारा ग्रामीण स्तर की महिला उद्यमियों को स्थापित परीक्षण और प्रशिक्षित किया जाएगा। सैनिटरी नैपकिन निर्माण सुविधा इकाई की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित है:-

  1. सैनेटरी नैपकिन निर्माण सुविधा इकाई की स्थापना और रखरखाव आसान और परेशानी मुक्त है।
  2. 1 दिन में 750-1000 से अधिक सेनेटरी पैड की वन्ध्याकरण की जा सकती है।
  3. यह आजीविका प्रदान करता है  और स्वतंत्र ग्रामीण समुदायों का निर्माण करते हुए रोजगार पैदा करता है।
  4. स्वच्छता निर्माण सुविधा इकाई को 20% से कम बिजली की आवश्यकता होती है।
  5. उचित बुनियादी सुविधाओं के कारण, विनिर्माण इकाइया सेनेटरी नैपकिन का उत्पादन  प्रक्रिया को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करती है।

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FAQs

Q. नारी स्वाभिमान योजना क्या है?

नारी की सुरक्षा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार द्वारा स्त्री स्वाभिमान योजना की शुरुआत की गई है. इस योजना के माध्यम से ग्राम स्तर के उद्यमियों और एसएचजी समूहों को प्रशिक्षण देकर सैनिटरी नैपकिन इकाई स्थापित कर स्त्रियों को समाज में विकसित करना है.

Q. स्त्री स्वाभिमान योजना किससे संबंधित है?

स्त्री स्वाभिमान योजना महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता से सम्बंधित है. इस योजना के माध्यम से स्त्री को आत्मनिर्भर और स्वाभिमान बनाना है.

Q. स्त्री स्वाभिमान योजना कब शुरू हुई?

स्त्री स्वाभिमान योजना का शुभारम्भ 27 जनवरी 2018 को केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद जी के द्वारा CSC महिला VLE कार्यक्रम के दौरान की गयी. इस योजना के तहत गरीब व ग्रामीण क्षेत्रों के महिलाओं को सेनेटरी नेपकिन देकर स्वाभिमान बनाना है.

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