बिहार विवाह प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कैसे करे

बिहार विवाह प्रमाणपत्र किसी व्यक्ति के कानूनी रूप से किसी से विवाहित होने की पुष्टि करने के लिए एक कानूनी प्रमाण है। बिहार में, विवाह या तो हिंदू विवाह अधिनियम 1955 या विशेष विवाह अधिनियम 1954 के तहत पंजीकृत किया जा सकता है। विवाह रजिस्ट्रार इसे बिहार राज्य सरकार की मुहर के साथ जारी करता है।

किसी भी व्यक्ति के जीवन में विवाह एक महत्वपूर्ण और लगभग सार्वभौमिक अनुष्ठान है। और बिहार विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया व्यक्ति के विश्वास और धर्म से संबंधित विभिन्न कानूनों द्वारा निर्देशित होती है। और जबकि वर्तमान में विवाह का पंजीकरण कराने की कोई बाध्यता नहीं है साथ ही Bihar Vivah Panjikarn की कमी प्रभावित व्यक्तियों को साक्ष्य के अभाव में उनके वैधानिक अधिकारों का दावा करने से वंचित करती है।

NOTE:- भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश दिनांक 14 फरवरी, 2006 में स्थानांतरित याचिका 2005 की संख्या 291 में सभी राज्यों को विवाह के अनिवार्य पंजीकरण के संबंध में नियम बनाने का निर्देश दिया है।

बिहार विवाह पंजीकरण के तहत बनाए गए नियम

विवाह प्रमाण पत्र पति और पत्नी के बीच के पवित्र बंधन को साबित करता है। यह धार्मिक विवाह और विशेष विवाह अधिनियमों के अनुसार जिला विवाह रजिस्ट्रार द्वारा जारी किया जाता है।

बिहार के राज्यपाल भारत के संविधान के अनुच्छेद 162 के साथ पठित अनुच्छेद 154 के तहत निहित शक्तियां का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य में इसके लागू होने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं:-

बिहार विवाह निबंधन नियमावली:

  • संक्षिप्त शीर्षक, विस्तार और प्रारंभ:- इन नियमों को Bihar Vivah Panjikarn नियम 2006 कहा जा सकता है। इसका विस्तार पूरे बिहार राज्य में होगा और यह राज्य में भारत के सभी नागरिको के विवाह पर लागू होगा। यह राजपत्र में इसकी अधिसूचना की तारीख से लागू होगा।
  • परिभाषाएं:- इन नियमों में जब तक कि विषय या किसी संदर्भ में प्रतिकूल न हों:-
    • “विवाह का अनुष्ठापन” का अर्थ है किसी भी प्रथा, व्यक्तिगत कानून या विशेष विवाह अधिनियम, या किसी अन्य अधिनियम के प्रावधनों के तहत विवाह का अनुष्ठापन।
    • “मैरिज रजिस्ट्रार”का अर्थ है एक ग्राम का मुखिया।
    • “विवाह उप महापंजीयक”का अर्थ है प्रासंगिक क्षेत्राधिकार के पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 6 के तहत नियुक्त उप रजिस्ट्रार।
    • “विवाह रजिस्ट्रार जनरल” का अर्थ है जिले का कलेक्टर
    • “पंजीकरण महानिरीक्षक” का अर्थ है पंजीकरण अधिनियम,1908 के तहत राज्य सरकार द्वारा नियुक्त पंजीकरण महानिरीक्षक।
  • विवाह का पंजीकरण:- प्रत्येक दंपति नियमों के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, अपने विवाह के 30 दिनों के भीतर विवाह रजिस्ट्रार के समक्ष अनिवार्य रूप से अपनी शादी को पंजीकृत करवा सकता है।
  • वर्शर्तें की शादी के 30 दिनों के भीतर पंजीकृत नहीं होने की स्थिति में किसी कारण से इन नियमों के नियम में निर्धारित दंड का भुगतान करने के बाद इसे पंजीकृत किया जा सकता है।

Note: बिहार विवाह पंजीकरण कैसे करे के अधिनियम, पात्रता मापदंड और दस्तावेज निचे सूचीबद्ध है.

भारत में विवाह प्रमाण पत्र अधिनियम

फिलहाल दो Bihar Vivah Panjikarn अधिनियम हैं जिनके तहत विवाह प्रमाण पत्र जारी किया जाता है:-

  • हिंदू विवाह अधिनियम, 1955:- जो कहता है कि, “जब विवाह पहले से ही अनुष्ठापित हो जहाँ पति और पत्नी हिंदू, बौद्ध, जैन या सीख हो या जब वे इनमें से किसी भी धर्म से परिवर्तित हो जाते हैं, तो उन्हें इन पंजीकरण अधिनियम के तहत माना जाएगा”।
  • विशेष विवाह अधिनियम, 1954:- जिसमें कहा गया है कि यह अधिनियम विवाह प्रमाण पत्र के अनुष्ठापन और पंजीकरण दोनों के लिए प्रक्रिया निर्धारित करता है। जहाँ कोई भी पक्ष या दोनों हिंदू, बौद्ध, जैन या सीख नहीं है।

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विवाह प्रमाण पत्र का उद्देश्य

  • बाल विवाह को रोकने के लिए।
  • विधवाओं को विरासत का दावा करने में सक्षम बनाने के लिए।
  • जोड़ों के लिए जीवनसाथी वीजा का उपयोग करके यात्रा करना।
  • पति या पत्नी के निधन की स्थिति में बैंक जमा और जीवन बीमा का दावा करने के लिए।

Bihar Vivah Panjikarn प्रमाण पत्र के लाभ

  • यह विशेष रूप से विवाहित महिलाओं के बीच सामाजिक सुरक्षा, आत्मविश्वास प्रदान करता है।
  •  विवाह का प्रमाण पत्र विवाह का एक मूल्यवान प्रमाण है।
  •  पति या पत्नी के लिए वीजा प्राप्त करने के लिए विवाह प्रमाण पत्र आवश्यक है।
  •  अगर जमाकर्ता या बीमाकर्ता की मृत्यु नामांकन के बिना या अन्यथा हो जाती है तो बैंक जमा या जीवन बीमा पॉलिसी के लाभों का दावा करने में मदद करती है।

बिहार मैरिज सर्टिफिकेट के लिए पात्रता मापदंड

  • दोनों पक्षों को भारत से संबंधित होना चाहिए।
  • अर्थात, दोनों को भारत के नागरिक होना चाहिए
  • लड़की की उम्र 18 या उससे ज्यादा और लड़के की उम्र 21 या उससे ज्यादा होनी चाहिए।
  • लड़के और लड़की की पहली शादी नहीं होनी चाहिए या पहले से शादीशुदा व्यक्ति के मामले में पति या पत्नी जीवित नहीं होनी चाहिए।
  • लड़का और लड़की को शारीरिक और मानसिक रूप से सवस्थ होना चाहिए।
  • वर और वधू को उन संबंधों के तहत संबंधित नहीं होना चाहिए जो कानून के तहत अमान्य है।

बिहार विवाह पंजीकरण करने हेतु आवश्यक दस्तावेज

  • विवाह का प्रमाण
  • पते का प्रमाण
  • मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस आदि
  • दुल्हन और दुल्हन का निवास प्रमाण पत्र
  • युगल फोटोग्राफ / लड़का और लड़की का फोटो
  • पति एवं पत्नी दोनों के द्वारा हस्ताक्षरित आवेदन पत्र
  • विवाह का प्रमाण, विवाह आमंत्रण कार्ड
  • पुजारी का प्रमाण पत्र
  • दूल्हा और दुल्हन के जन्म की तारीख का प्रमाण
  • दोनों पक्षों की तस्वीर
  • विवाह फोटोग्राफ

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विवाह पंजीकरण के लिए लागू शुल्क

बिहार राज्य के नागरिक Bihar Marriage Certificate के लिए पंजीकरण करना चाहते है, तो इसके लिए 100 रुपये शुल्क जमा करना होगा। शुल्क की मात्रा समय के अनुसार बदलता रहता है, इसलिए, अधिकारिक वेबसाइट से सुनिश्चित करे। अर्थात, हिंदू विवाह अधिनियम के तहत शादी के पंजीकरण के लिए 100 रुपये का शुल्क अनिवार्य देना होता है।

यदि किसी व्यक्ति, समुदाय, धर्म आदि को शादी से आपत्ति है, तो उन्हें 7 दिन के अंदर इसके लिए आवेदन करना होगा जिसके लिए आवेदन फीस 500 रुपये निर्धारित की गई है।

बिहार विवाह पंजीकरण कैसे करे

Bihar Vivah Panjikarn Kaise kare या आवेदन कैसे करे के सम्बन्ध में निचे स्टेप by स्टेप प्रक्रिया बताया गया है जिसे आप फॉलो कर बिहार विवाह सर्टिफिकेट बनवा सकते है:

  • आवेदक को बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • होम पेज पर “अधिनियम, नियम” आदि विकल्प पर क्लिक करें।
  • आवेदक बिहार विवाह पंजीकरण नियम के तहत विवाह पंजीकरण के लिए आवेदन पत्र डाउनलोड करे।
  • या बिहार विवाह पंजिकर पीडीऍफ़ फॉर्म के लिंक पर क्लिक कर फॉर्म डाउनलोड करे
  • आवेदन पत्र में पूछी गई सभी आवश्यक विवरण दर्ज करें
  • निर्धारित सभी दस्तावेज फॉर्म के साथ संकलन करें।
  •  विधिवत भरे हुए आवेदन पत्र को रजिस्ट्रार कार्यालय के संबंधित प्राधिकारी को जमा करे।
  • संबंधित कार्यालय से आवेदन पत्र की रसीद प्राप्त करें।

NOTE:- एक बार आवेदन सत्यापित हो जाने के बाद, आवेदक को आवेदन की तारीख से सात कार्य दिवसों के भीतर विवाह प्रमाण पत्र मिल जाएगा।

FAQs

1. बिहार विवाह प्रमाण पत्र से संबंधित अधिकारिक वेबसाइट क्या है?

 बिहार विवाह प्रमाण पत्र की आधिकारिक वेबसाइट https://state.bihar.gov.in/ है।

2. बिहार में मैरिज सर्टिफिकेट कैसे बनता है?

  •  आवेदक को बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  •  होम पेज पर Act Rules, विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  •  आवेदन पत्र में आवश्यक विवरण दर्ज करें और निर्धारित दस्तावेजों को संगलन करें।
  •  विधिवत भरे व आवेदन पत्र को रजिस्ट्रार कार्यालय में जमा करने की आवश्यकता होती है।

3. बिहार मैरिज सर्टिफिकेट कितने दिनों में बन जाता है?

 पासपोर्ट और रेल टिकट की तरह अब आप शादी का प्रमाण पत्र 24 घंटे में हासिल कर सकते हैं। इसके लिए तत्काल सेवा का इस्तेमाल करना होगा। इस सेवा की फीस ₹10,000 हैं।

4. बिहार विवाह अधिकारी कौन होता है?

विवाह अधिकारी वह व्यक्ति होता है, जिससे राज्य सरकार द्वारा सरकारी राजपत्र में अधिसूचना देने के बाद नियुक्त किया जाता है। विवाह अधिकारी का मुख्य कर्तव्य पंजीकरण की सुविधा और पार्टियों को विवाह का प्रमाणपत्र प्रदान करना है।

5. बिहार में विवाह प्रमाण पत्र कैसे प्राप्त करें?

शपथ पत्र पूरा करने के लिए किसी अधिवक्ता के माध्यम से संपर्क करें। सभी फॉर्म भरे। अपने जीवनसाथी और तीन गवाहों के साथ आधार कार्ड और उसकी कॉपी के साथ शादी के कार्यालय पहुँच सकते हैं। किसी भी अधिकारी से संपर्क करें और उन्हें बिहार विवाह अधिकारी को फार्म प्रस्तुत करने के लिए कहें।

6. बिहार विवाह निबंधन नियमावली 2006 डाउनलोड कैसे करें?

बिहार विवाह निबंधन नियमावली 2006 की पीडीऍफ़ फाइल लिंक पर क्लिक कर डाउनलोड कर सकते है.

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